सदगुरु ऐसा बनु में निरंकारी
जाणे कर्मो से दुनिया सारी
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कथनी मे चाहे रह जाऊ पिछे
करणी के सिचो बाग बगीचे
महके जीवन की फुलवारी
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मेरे नाम से चाहें ना जाने
तेरे नाम से जग पहचाने
सदगुरू कृपा हो जो तुम्हारी
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इतनी कृपा प्रभु ये भी कर दो
मानवता के सब गुण भर दो
सदगुरू तु दाता उपकारी
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बाबु "विजय" गुरु वचन तुम्हारे
सुन कर के हम दिल मे उतारे
जाये तुम पे सदा बलिहारी
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Dhan nirankar ji
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